Saturday, 3 September 2016

Successful tree plantation drive by Samoon Foundation (समूण परिवार द्वारा 1000 वृक्षोँ का सफलतापुर्वक वृक्षारोपण )

                    *Successful Tree Plantation Drive by Samoon Foundation*  


*Date: 25 July – 31 July, 2016*  

*Location: Munakhal, Saund, Andhyani Villages & Rishikesh, Uttarakhand*  

With the support of Samoon family members and local villagers, Samoon Foundation achieved its target of planting 1000 trees between 25 July and 31 July, 2016. The saplings included Jamun, Shehtoot, Anar, Aam, Baans, and Gular.  The plantation was carried out at Rajkiya Inter College Munakhal, Primary School Saund, and on private lands of residents in villages Andhyani and Saund. In Rishikesh, saplings were purchased from nurseries as per people’s preference and planted near their homes.  We heartily thank the teachers and students of Rajkiya Inter College Munakhal, teacher Mrs. Shikha of Primary School Saund, villagers of Saund, and residents of Sheesham Jhadi, Rishikesh for their full cooperation in making this campaign successful.  

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                                      *समून फाउंडेशन का सफलतापूर्वक वृक्षारोपण*  

*दिनांक: 25 जुलाई – 31 जुलाई, 2016*  

*स्थान: मुनाखाल, सौड़, अंध्याणी गाँव व ऋषिकेश, उत्तराखंड*  

समून परिवार के सदस्यों एवं गाँव वासियों के सहयोग से समून फाउंडेशन ने 25 जुलाई से 31 जुलाई, 2016 तक 1000 वृक्ष लगाने के लक्ष्य को पूर्ण किया है। जिनमें जामुन, शहतूत, अनार, आम, बांस और गूलर इत्यादि प्रजातियों के पेड़ थे।  यह वृक्षारोपण राजकीय इंटर कॉलेज मुनाखाल, प्राथमिक विद्यालय सौड़, गाँव अंध्याणी और सौड़ गाँव में गाँव वासियों की निजी भूमि पर लगाया गया। साथ ही ऋषिकेश में लोगों की पसंद के अनुसार नर्सरी से वृक्ष खरीदे गये और उनके घरों के समीप लगाया गया।  इस अभियान में सम्पूर्ण परिवार को सहयोग करने के लिए राजकीय इंटर कॉलेज मुनाखाल के अध्यापकों एवं विद्यार्थियों, प्राथमिक विद्यालय सौड़ की अध्यापिका श्रीमती शिखा, सौड़ गाँव के गाँव वासियों एवं शीशम झाड़ी ऋषिकेश के निवासियों का तहेदिल से हार्दिक धन्यवाद।  



"टीम समूण"

Tuesday, 5 July 2016

वृक्षारोपण

यों तो उत्तराखंड के जंगलो में हर साल गर्मियों में आग लगती है परन्तु इस साल 2016 की गर्मियों में फरवरी से अप्रैल तक 88 दिनों से जादा समय तक लगी भीषण आग से 3 हजार एकड के लगभग जमीन जलाकर खाख हो गयी और लगभग 6 से अधिक बेकसूर लोगों को अपनी जान गवानी पडी |
  अभी “उत्तराखंड” इस भीषण आग के दुख: से उबर भी नहीं पाया था कि  फिर से आसमानी बारिश ने पिथोरागढ़ और चमोली वही किया जिसका हम सबको डर था, जिसमे की अभी तक 30 से अधिक लोगों को की मौत हो चुकी है |
आखिर क्यों ???????
यों तो हर साल उत्तराखंड में बहुत मुसलाधार बारिश होती है लेकिन पिछले २-४ सालों से बरसात के समय कुछ न कुछ अप्रिय घटना सुनने को मिल रही है | हम सभी को इस विषय पर आत्मचिंतन करते हुए प्राकृतिक आपदाओं के मूल कारण व इन कारणों के समाधानों पर कार्य करने की जरुरत है | मैंने जब इस विषय पर गंभीरता से सोचा तो उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं के निम्नलिखित मूल कारणों को पाया :-
कारण:-
*      क्षेत्र में विकास के नाम पर जंगलो के वृक्षों का अत्यधिक कटान |
*      विकास के नाम पर बनी विजली के परियोजनाओं से पहाडो का कमजोर होना |
*      लकड़ी तस्करों का जंगलो से अच्छे अच्छे प्रजातियों के वृक्षों का कटान करना जो की मिट्टी तथा पत्थरो को अपने जड़ो से जकड कर रखते थे व भूस्खलन को रोकने में सहायक होते थे |
*      पहाड़ के मूल निवासियों का पलायन करना तथा बहारी लोगो का पहाड़ में बसना जो की सिर्फ पैसे कमाने के मकसद से उत्तराखंड में आते है और प्रकृति को हानी पहुचाते है |
*      बढ़ती जनसख्या से जंगलो को काट काट कर आवासीय क्षेत्र में परिवर्तित किया जा रहा है जिससे कि दिन प्रतिदिन हमारे जंगल ख़त्म होते जा रहे है |
*      सही जानकारी का अभाव, जान-माल की सुरक्षा के इस मुद्दे पर लोगों में जानकारी का अभाव |
*      गदेरे (खालो) और नदी के किनारों पर बन रहे अत्यधिक निर्माणों को रोकने हेतु सरकार का विफल प्रयास
आदि बहुत से कारण है  जिससे हर मानसून में जीवन, संपत्ति, कृषि-भूमि, सड़कों, आदि की हानि होती है जिसमे से भूस्कलन सबसे मुख्या है | चट्टानों, मिट्टी और वनस्‍पतियों का किसी ढलान पर नीचे की ओर खिसकना ही भूस्‍खलन है। भूस्‍खलन, एक चट्टान के छोटे से टुकड़े से लेकर, मलबे व पानी  के बहुत बड़े बहाव के रूप में हो होता है जिसमें भारी मात्रा में मिट्टी और पानी कई किलोमीटर तक अपने रास्ते में जो भी मिलाता है उसे समेटते हुए ले जाता है |
उत्तराखंड की प्राकृतिक सौन्दर्य ही हमारी धरोहर है लेकिन दिन प्रतिदिन ये हमारी खुबसूरत सी धरोहर नष्ट होती जा रही है | अगर प्रकृति के साथ इसी तरह से हस्तक्षेप जारी रहा तो भविष्य में भूस्खलन अत्यधिक बढ़ सकते हैं|
उपाय:-
इसके रोकने का एक ही उपाय है “वृक्षारोपण”
हमें अधिक से अधिक संख्या में अपने निजी और सरकारी जमीन पर वृक्ष लगाने चाहिए जिससे प्रकृति का संतुलन बना रहे और येसी प्राकृतिक आपदाओं को रोका जाय | वन भूस्कलन को रकते है और हमें शुद्ध ऑक्सीजन देते है, वनों की हरियाली के बिना मानव जीवन की कल्पना करना व्यर्थ है | वन देश और राज्य की प्रगति में हमें आर्थिक सहयोग देते हैं |

प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है कि वह अपने जीवन में एक वृक्ष अवश्य लगाए । आज हम स्वार्थ के लिए पेड़ तो काटते है लेकिन लेकिन पेड़ लगाना भूल जाते है जिससे यह समस्या आज इतनी उग्र होती चली जा रही है । आओ अपने जीवन में एक पौधा लगाए और पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करे |
समूण परिवार के सदस्यों व गांववासियों के सहयोग से हमने रविवार दिनांक 31 जुलाई को ग्राम सौड और ग्राम कुर्न पट्टी भरपूर, टिहरी गढ़वाल में वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत 1100 वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा है, साथ ही गांव वासियो को वनों के महत्व व वनों को बचाए रखने हेतु सरकार की योजनाओं के बारे में भी जागरुक किया जाएगा |
आप सभी से सहयोग की अपील की जाती है यदि आप फिजिकल रूप से हमें इस प्रोजेक्ट में सहयोग नहीं कर सकते तो एक पेड़ के लिए 250/- रुपये का धनराशी दान देकर अपने नाम से एक वृक्ष लगवा सकते है | आपके नाम से उस वृक्ष को लगाया जाएगा और उसकी फोटो आपके साथ साझा किया जाएगा |
धन्यवाद !
“टीम समूण”

Monday, 27 June 2016

Medical Help for Kulanand Bahuguna ji(कुलानन्द बहुगुणा जी के लिए चिकित्सा सहायता)

                                          *Medical Help for Kulanand Bahuguna Ji*  

*Location: Dehradun, Uttarakhand*  

During the wedding of Team Samoon member Ankit Bahuguna, a tragic accident occurred. A heavy, shade-filled ‘patila’ accidentally fell on Kulanand Bahuguna Ji. He was rushed to the nearest hospital in Anand Kanan and then admitted to the ICU of Indresh Hospital, Dehradun, in critical condition. Kulanand Bahuguna Ji belongs to a poor family and runs his household with great difficulty.  

Kulanand Ji is from village Bhatti, Tehsil Ghansali, District Tehri Garhwal — the same village as Team Samoon member Vivek Khudiyal Ji. On Vivek Ji’s initiative, the entire Team Samoon came together and raised ₹13,250/- as financial help for Kulanand Ji’s treatment, as a gesture of humanity.  

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                                         *कुलानन्द बहुगुणा जी के लिए चिकित्सा सहायता*  
*स्थान: देहरादून, उत्तराखंड*  

सम्पूर्ण टीम के सदस्य अंकित बहुगुणा जी की शादी में दुर्घटनावश कुलानन्द बहुगुणा जी के ऊपर छाया से भरा भारी पटिला उलट गया। आनंद कानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, तदोपरांत उनको देहरादून में इन्द्रेश हॉस्पिटल के आईसीयू में बहुत बुरी हालत में भर्ती कराया गया। कुलानन्द बहुगुणा जी बहुत ही गरीब परिवार से हैं और बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का आर्थिक खर्चा चलाते हैं, जिस कारण वे यह हॉस्पिटल के खर्च उठाने में समर्थ नहीं थे।  

कुलानन्द बहुगुणा जी गाँव - भाटी, तहसील - घनसाली, जिला टिहरी गढ़वाल के रहने वाले हैं, जो कि सम्पूर्ण टीम के सदस्य विवेक खुदियाल जी का भी गाँव है। उन्हीं की पहल पर सम्पूर्ण टीम कुलानन्द बहुगुणा जी के इलाज के लिये एक छोटी सी आर्थिक सहायता प्रदान करने में सक्षम रही।  

मानवता के नाते कुलानन्द जी के इलाज के लिये सम्पूर्ण टीम के सदस्यों ने ₹13,250/- रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।  







धन्यवाद ! 

"टीम समूण"

Sunday, 12 June 2016

Help of pahadi bhula send back to India(हरप्रीत की आज़ादी की लंबी लड़ाई)

                                          *Harpreet’s Long Battle for Freedom*  

*Date: March – 3 May, 2016*  
*Location: Sharjah, UAE*  

Harpreet Singh, a Pahadi youth, worked at a restaurant in Sharjah for one and a half years. Promised ₹20,000 salary in India, he received only 800 Dirhams monthly, paid irregularly. He worked 14-16 hours daily with no day off and ₹35,000 visa charges were deducted from his salary. When he asked to return to India, the owner threatened to file a case, jail him for a year, and keep his passport.  

Team Samoon filed a complaint with the Ministry of Labour on 10 March 2016. The owner skipped the 3 April hearing. In the second hearing, his representative was ordered to cancel the visa and return the passport, but nothing happened. Further hearings on 7 and 10 April also failed as the owner remained absent and the case was closed.  

We approached the Indian Consulate, Dubai, and police, but the owner still refused. A fresh complaint was filed on 18 April. After repeated pressure from the Consulate, the visa was cancelled on 29 April — yet the passport was not returned. Harpreet had been thrown out of his room on 10 March and lived hungry on the streets for three months, unpaid for the last three months too.  

The owner finally agreed to give the passport only if Harpreet bought his own ticket first. With no guarantee of release, Team Samoon purchased his ticket and sent him safely back to India on 3 May 2016.  

This is a warning to all brothers dreaming of working abroad: verify every document and job contract before leaving. Many get trapped and suffer. Think and inquire first. For information on any country or company, contact us.  

 

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                                        *हरप्रीत की आज़ादी की लंबी लड़ाई*  
*दिनांक: मार्च – 3 मई, 2016*  
*स्थान: शारजाह, यूएई*  

शारजाह के एक रेस्टोरेंट में काम करने वाला पहाड़ी युवक हरप्रीत सिंह पिछले डेढ़ साल से शोषण झेल रहा था। भारत में 20 हजार रुपये सैलरी का वादा कर उसे सिर्फ 800 दिरहम मिलते थे, वो भी अनियमित। 14-16 घंटे काम, एक भी छुट्टी नहीं, और 35,000 रुपये वीजा चार्ज उसकी सैलरी से काटे जा रहे थे। भारत लौटने की बात पर मालिक ने केस कर एक साल जेल भेजने और पासपोर्ट न देने की धमकी दी।  

टीम समून ने 10 मार्च 2016 को मिनिस्ट्री ऑफ लेबर में केस दर्ज किया। 3 अप्रैल की सुनवाई में मालिक नहीं आया। दूसरी सुनवाई में प्रतिनिधि को वीजा कैंसल कर पासपोर्ट लौटाने का आदेश मिला, पर अमल नहीं हुआ। 7 और 10 अप्रैल की सुनवाई में भी मालिक गैरहाजिर रहा और केस बंद हो गया।  

हमने इंडियन काउंसलेट, दुबई व पुलिस से मदद मांगी, लेकिन मालिक नहीं माना। 18 अप्रैल को दोबारा कंप्लेंट की। काउंसलेट के दबाव के बाद 29 अप्रैल को वीजा कैंसल हुआ, पर पासपोर्ट नहीं मिला। हरप्रीत को 10 मार्च को ही कमरे से निकाल दिया गया था और वह तीन महीने से भूखा-प्यासा सड़कों पर था। आखिरी तीन महीने की सैलरी भी नहीं मिली।  

आखिरकार मालिक इस शर्त पर माना कि पहले टिकट खरीद कर एयरपोर्ट पर दिया जाए। पासपोर्ट मिलने की तारीख तय न होने से हरप्रीत परेशान था। अंत में टीम समून ने खुद टिकट खरीदा और 3 मई 2016 को उसे सकुशल भारत भेजा।  

हमारा संदेश: विदेश जाने से पहले सभी दस्तावेजों और नौकरी की पूरी जांच कर लें। गलत जगह फंसने पर बहुत पछताना पड़ता है। किसी भी देश या कंपनी की जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।  


धन्यवाद !टीम समूण 
3 मई, 2016

Bringing Rajamani home(राजामणि की घर वापसी)

                                                 *Bringing Rajamani Home*  


*Date: 28 December, 2015*  
*Location: Sharjah, UAE*  

Rajamani, a South Indian laborer working at a restaurant in Sharjah, was forced to work without salary. When he asked for wages, the owner threatened to kill him and even called his family in India to harass his wife and children. Desperate to return home but denied his passport, he reached out to Team Samoon.  
We first sought help from the Indian Association in Sharjah. When support didn’t come, we filed a complaint with the Ministry of Labour. The owner was summoned and ordered to send Rajamani back without harassment. After further intervention with the Immigration Department, his passport and ticket were returned within a month. Today, Rajamani is safely back in India. Many like him still suffer in silence — our effort is to stand with each one.  
  
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                                                        *राजामणि की घर वापसी*  

*दिनांक: 28 दिसम्बर, 2015*  
*स्थान: शारजाह, यूएई*  

शारजाह में एक रेस्टोरेंट में काम करने वाले दक्षिण भारतीय मजदूर राजामणि से बिना सैलरी के काम कराया जा रहा था। तनख्वाह मांगने पर मालिक ने उसे मारने की धमकी दी और भारत में उसके परिवार को भी धमकाया। राजामणि भारत लौटना चाहता था, लेकिन पासपोर्ट नहीं दिया जा रहा था।  
जब वह हमारे पास आया तो हमने पहले शारजाह में इंडियन एसोसिएशन से मदद मांगी। सहयोग न मिलने पर मिनिस्ट्री ऑफ लेबर में शिकायत दर्ज की। मालिक को बुलाया गया और राजामणि को बिना परेशान किए भारत भेजने का आदेश दिया गया। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट में शिकायत के बाद एक महीने में उसका पासपोर्ट और टिकट वापस मिला। आज राजामणि सुरक्षित भारत लौट चुका है। ऐसे न जाने कितने राजामणि अभी भी यातनाएं सह रहे हैं — हमारी कोशिश हर एक के साथ खड़े होने की है।  

धन्यवाद !टीम समूण 

28 दिसम्बर, 2015 

Wednesday, 9 March 2016

Only Collective Efforts Can Purify Ganga(स्वच्छ भारत की पवित्र गँगा )

                                           Only Collective Efforts Can Purify Ganga 

*Location: Ganga Ghats, Rishikesh*  

 Samoon Sanstha’s ‘Swachh Bharat ki Pavitra Ganga’ campaign concluded successfully. Team Samoon thanks every volunteer who served with true devotion and helped clean the ghats along the Ganga. Our goal was not just to clean the banks, but to make people aware — to stop polluting Maa Ganga in the future. Real success comes only when every citizen takes ownership. This mission will continue until cleanliness becomes a public movement.  

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*स्थान: गंगा घाट, ऋषिकेश*  

                                                *सामूहिक प्रयासों से ही पवित्र होगी गंगा*  

समून संस्था का ‘स्वच्छ भारत की पवित्र गंगा’ कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। टीम समून उन सभी लोगों का तहेदिल से धन्यवाद करती है जिन्होंने सच्चे सेवा भाव से गंगा के किनारों के घाटों को स्वच्छ किया। हमारा मकसद सिर्फ सफाई करना नहीं था, बल्कि लोगों को जागरूक करना था ताकि आगे से गंगा माँ को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। जब तक हर जन मानस इस स्वच्छता अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक सफलता नहीं मिलेगी। यह मिशन आगे भी जारी रहेगा।  

  

                                   



धन्यवाद । 
टीम समूण 

Thursday, 28 January 2016

Saving the Soul of Bharat (भारत की पवित्र गँगा - स्वच्छता जागरुकता रैली व गँगा सफाई अभियान )


                                                     *Saving the Soul of Bharat* 

*Date: 31 January 2016*  

*Location: Triveni Ghat, Rishikesh*  

                                                   
Ganga is not just a river, but the soul of Indian culture — known as Devnadi, Jahnavi, Vishnupada. Yet today, the same Ganga whose waters were once considered the purest is polluted by factory waste, drains, and garbage from our cities.  

On 31/01/2016, Samoon Foundation held a cleanliness awareness rally and Ganga cleaning drive at Triveni Ghat from 10 AM to 2 PM. We cleaned the ghats and appealed to every citizen: our villages, streets, cities, and workplaces must be kept clean. Only when we all join this mission can we truly build a Swachh Bharat and restore the purity of Maa Ganga.  

  

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*दिनांक: 31 जनवरी 2016*  
*स्थान: त्रिवेणी घाट, ऋषिकेश*  

                                                                 *भारत की आत्मा को बचाना*  

गंगा, एक नदी ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की एक गौरवशाली पहचान है — देवनदी, जाह्नवी, विष्णुपदा। लेकिन आज वही गंगा, जिसका जल कभी सबसे पवित्र माना जाता था, कारखानों, नदी-नालों और शहरों के कचरे से मैली हो रही है।  

31/01/2016 को समून फाउंडेशन ने त्रिवेणी घाट पर सुबह 10 से 2 बजे तक स्वच्छता जागरूकता रैली और गंगा सफाई अभियान चलाया। हमने घाटों की सफाई की और हर नागरिक से आग्रह किया: अपने गाँव, गली, मोहल्ले, शहर और कार्यस्थल को स्वच्छ बनाएं। जब तक हम सब इस अभियान से नहीं जुड़ेंगे, स्वच्छ भारत और पवित्र गंगा का सपना पूरा नहीं होगा।  

आओ मिलकर एक सुन्दर और स्वच्छ भारत का निर्माण करेँ और सपथ लेँ कि हम अपने घर, मुहल्ले, गाँव, गली, शहर और कार्य स्थल को स्वच्छ रखेँगे ।


"टीम समूण" 

Saturday, 2 January 2016

Students career guidance& counselling camp(अगली पीढ़ी को दिशा)

*Guiding the Next Generation*

Date: 27-04-2015 & 28-04-2015*  
*Location: Kandikhal, Tehri Garhwal, Uttarakhand*  

 On 27 & 28 April 2015, Team Samoon organized a career guidance and counselling camp at Govt. Inter College, Kandikhal. Students from the hills got direction, clarity, and support to choose their future paths. Because every child deserves a chance to dream big.  

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*अगली पीढ़ी को दिशा*  

27 और 28 अप्रैल 2015 को टीम समून ने राजकीय इंटर कॉलेज, कांडिखाल में करियर गाइडेंस और काउंसलिंग कैंप आयोजित किया। पहाड़ के बच्चों को अपने भविष्य की राह चुनने के लिए दिशा, स्पष्टता और सहयोग मिला। क्योंकि हर बच्चे को बड़े सपने देखने का हक है।  



TEAM SAMOON

Together against hunger and inequality (भूख और असमानता के ख़िलाफ़, एक साथ)

Hunger, poverty, illiteracy and inequality still break lives every day. Team Samoon is standing with the most vulnerable, fighting these battles together. Join us — because no one should suffer alone.  

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भूख, गरीबी, अशिक्षा और असमानता आज भी ज़िंदगियाँ तोड़ रही हैं। टीम समून सबसे कमज़ोर लोगों के साथ खड़ी है, इन लड़ाइयों को मिलकर लड़ रही है। हमारे साथ आइए — क्योंकि किसी को भी अकेले नहीं लड़ना चाहिए।  



TEAM SAMOON