उत्तरकाशी जिले के सीमांत गांव ओसला
में समूण आदर्श विद्यालय का विधिवत शुभारंभ शनिवार, 03 अप्रैल 2021 को किया गया ।इस
विद्यालय को खोलने में रमेश इंद्रदत्त नैथानी जी द्वारा आर्थिक सहयोग एवँ गीता राम
पैन्यूली जी का मार्गदर्शन के साथ - साथ ओसला गांव के ग्रामीणों का विशेष सहयोग
प्रदान हुआ जिसमें से मुख्यतः विजयपाल राणा, ग्राम प्रधान विशन सिहं, नौनियाल राणा, राजेंद्र
राणा आदि मुख्य हैं |
हमें
आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि इस विद्यालय के खुलने से गांव के सैकड़ों बच्चे
स्कूल जाना शुरू करेंगे और शिक्षित होकर गांव, क्षेत्र और देश का नाम रोशन
करेंगे । हम सभी बच्चों की उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें बेहतर से बेहतर शिक्षा
प्रदान करने हेतु हरसंभव प्रयास करेंगे |
इस
नेक कार्य में हमें तन, मन और धन से सहयोग करने
वाले समूण परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों, दानदाताओं एवं अनुयायियों
का हम हृदय की गहराइयों से आभार प्रकट करते हैं ।
Friday, 16 September 2022
समूण आदर्श विद्यालय का विधिवत शुभारंभ शनिवार, 03 अप्रैल 2021 को किया गया
Saturday, 10 September 2022
Visit of the local MLA
Date: Saturday, 10th September 2022
Honourable MLA Commends Samoon Ideal School for Exceptional Free Education During Regional Tour.
During their regional tour, honourable MLA visited Samoon Ideal School, Osla, in Uttarkashi and appreciated the continuous social work being carried out by Samoon Foundation. During the regional tour of Uttarkashi and Purola, Regional MLA Durgesh Lal Ji, praised the excellent free education being provided at Samoon Ideal School, Osla.
दिनांक शनिवार 10 सितम्बर2022,
अपने क्षेत्र भ्रमण दौरान माननीय विधायक जी समून आदर्श विद्यालय ओसला उत्तरकाशी पहुंचे और समूण फाउंडेशन द्वारा निरंतर किए जा रहे सामाजिक कार्यों को सराहना एवँ प्रशंसा की । उत्तरकाशी, पुरोला क़े क्षेत्रीय विद्यायक दुर्गेश लाल जी के क्षेत्रभ्रमण के दौरानसमूण आदर्श विद्यालय ओसला में दिए जा रहे बेहतरीन निशुल्क शिक्षा की प्रशंसा की गई।
Sunday, 14 August 2022
Another sewing and knitting training center by Samoon for women empowerment and making them self-reliant.
Date: Friday, 14th August 2022
"Empowering Women Through Skill Training: Samoon Foundation Inaugurates Sewing and Embroidery Center on Amrit Mahotsav of Independence"
In a bid to promote women's empowerment and self-reliance, Samoon established a Sewing and Embroidery Training Center in Godadhar Akhori. In June, Mr. Ramesh Indradatt Nathani, the founder of the Samoon Foundation, held a meeting in Dubai where it was decided to inaugurate a sewing and embroidery training center in Godadhar. This initiative honors the late Shri Indramani Badooni, a significant figure in Uttarakhand's Gandhian movement. Consultations were conducted among all members of the Samoon Foundation, ensuring the official inauguration of the center on August 14, 2022.
Date: 3rd July 2022 On 3rd July 2022, at 8 AM, as a tribute to the late Shri Indramani Badooni and with the support of respected member Mr. Ramesh Indradatt Nathani, sewing machines were delivered to the Samoon Sewing and Embroidery Training Center in Akhodi, Tehri Garhwal, Uttarakhand.
दिनांकरविवार14अगस्त2022
जून माह में समूण फाउंडेशन के संस्थापक एवं समूण के वरिष्ठतम सदस्य श्री रमेश इन्द्रदत्त नैथानी जी की एक मुलाकात दुबई में हुई और उत्तराखण्ड के गाँधी स्व. इन्द्रमणि बडोनी जी की स्मृति में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर बनाने हेतु सिलाई बुनाई प्रशिक्षण केंद्र गोदाधार में खोलने पर चर्चा हुई और तत्कात समूण के सभी सदस्यों से चर्चा कर सुनिश्चित किया गया की 14अगस्त 2022से विधिवत संचालितकिया गया।
03 जुलाई 2022 सुबह 8 बजे उत्तराखँड के गाँधी स्वर्गिय इंद्रमणी बडोनी जी की स्मृति मे और सम्मानित सदस्य श्री रमेश इंद्रदत्त नैथानी जी के सौजन्य से अखोडी टिहरी गढवाल में समूण सिलाई बुनाई प्रशिक्षण केंद्र के लिए सिलाई मशीनें अखोडी सेंटर में पहुंच चुकी गई थी
14 अगस्त 2022
देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 76वेँ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा है कि नारी शक्ति का योगदान आगामी 25 सालों में भारत को विकासशील देशों से बढ़कर अब विकसित देशों की लिस्ट में समलित करने में अहम भूमिका रेखांकित करने वाला है ।आज हम पुलिस में देखें, हमारी नारीशक्ति लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा रही है। हम जीवन के हर क्षेत्र में देखें, खेल-कूद का मैदान देखें या युद्ध की भूमि देखें, भारत की नारी शक्ति एक नए सामर्थ्य, नए विश्वास के साथ आगे आ रही है।
आने वाले 25 सालो में नारीशक्ति पर हम जितना ध्यान देंगे, जितना ज्यादा अवसर हम हमारी बेटियों को देंगे, जितनी सुविधाएं हमारी बेटियों के लिए केंद्रित करेंगे, आप देखना वो हमें बहुत कुछ लौटाकर देंगी। वो देश को इस ऊंचाई पर ले जाएगी कि हमारे सपने और तेजस्वी, ओजस्वी और दैदीप्यमान होंगे ।
इसी उद्देश्य के साथ उत्तराखंड के ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु उन्हें स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूण फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से कार्यरत है । इसी कड़ी में 14 अगस्त को सम्मानित सदस्य और संरक्षक श्री रमेश इंद्रदत्त नैथानी जी के सौजन्य और कर कमलों से उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की जन्मस्थली अखोडी में एक और "सिलाई बुनाई प्रशिक्षण केंद्र" का शुभारंभ किया गया ।
इस केंद्र के उद्घाटन से पहले ही बड़ी संख्या में निकटवर्ती गांवों की महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया और सिलाई बुनाई सीखने हेतु उत्सुकता दिखाई । हमें आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के इस उद्देश्य में यह केंद्र मील का पत्थर साबित होगा । इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख श्रीमती बसुमती घणाता जी, श्री महावीर प्रसाद बडोनी जी तथा संस्था के उपाध्यक्ष श्री विजय मोहन पैन्यूली जी, कोषाध्यक्ष श्री वीरेंद्र नेगी जी, महासचिव मनोज पालीवाल जी वरिष्ठ सदस्य मनोज नेगी जी एवँ महिपाल रावत जी, केंद्र प्रबंधक श्री विक्रम शाह जी, एवं समस्त क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधी एवँ गणमान्य ब्यक्ति उपस्थित रहे ।
Friday, 24 June 2022
Raise awareness among girls about menstruation.
Date: Friday, 24th June 2022
With the objective of raising awareness among girls and women regarding menstrual hygiene and health, the Samoon Foundation, in partnership with the Pagariya Welfare Foundation, is distributing the 'Mystripedia' comic book. As part of this initiative, the Samoon Computer Training Institute in Rudraprayag facilitated the distribution of Mystripedia books to girls aged 9 and above at the Government Inter College, Tilaknagar, Sumari, Tilwada. Similarly, in Akhodi, Tehri Garhwal, women and girls attending the stitching centre operated by THDC were provided with Mystripedia books. Menstruation is a fundamental aspect of women's lives, yet it often remains a taboo subject, avoided in conversations. However, open discussions about periods are crucial, especially when young girls commence this natural process. The onset of menstruation can lead to feelings of anxiety, confusion, fear, and worry among girls. The lack of knowledge about this biological occurrence further amplifies their concerns. In such circumstances, providing accurate and age-appropriate information not only alleviates their worries but also aids them in managing their lives comfortably during menstruation.
दिनांक शुक्रवार 24जून 2022
बच्चियों को मासिक धर्म के बारे में करें जागरूक, ताकि सेहत से न हो कोई समझौता:-इसी उद्देश्य के साथ Samoon Foundationउत्तराखंड के विभिन्न जिलों में पगारिया वेलफेयर फाउंडेशन के साथ मिलकर मेंस्ट्रुपीडिया कॉमिक बुक वितरित करके बालिकाओं एवँ महिलाओं को जागरूक कर रही है । इसी क्रम में Samoon Computer Training इंस्टिट्यूट रुद्रप्रयाग द्वारा गवर्मेंट इंटर कॉलेज तिलकनगर सुमाड़ी, तिलवाड़ा में अध्यारन 9 वर्ष से अधिक उम्र की बालिकाओं को मेंस्ट्रुपीडिया बुक वितरित की गई तथा टिहरी गढवाल के अखोड़ी में THDC के सौजन्य से संचालित सिलाई सेंटर मेंसिलाई सीख रही महिलाओं एवं बालिकामेंस्ट्रुपीडिया बुक वितरित की गई थी
महिलाओं के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है-पीरियड्स। एक ऐसी प्रक्रिया जिसके बारे में जानते हुए भी इसे छुपाया जाता है, इसके बारे में बात करने से हिचकिचाया जाता है। जबकि पीरियड्स के बारे में खुलकर बात करने की जरूरत है, खासकर तब जब किशोरियों में इस प्रक्रिया की शुरुआत हो। पहली बार पीरियड्स के होने पर बच्चियों के मन में घबराहट, असमंजस, डर और चिंता भी उपजती है। इस समय होने वाला असंतुलन उन्हें और भी डरा देता है क्योंकि वे इसके बारे में कम जानती हैं। ऐसे में उन्हें सही और उचित जानकारी देना न केवल इस प्राकृतिक प्रक्रिया को लेकर उनके मन से असमंजस को हटा देता है, बल्कि उसे पीरियड्स के दौरान सामान्य जीवन जीने में भी मदद करता है।
Sunday, 15 May 2022
A hospital bed, stretcher, blankets, clothing, and ration supplies have been sent to the village of Paw, Post Office - Newli, District - Tehri Garhwal, for Mr. Dibyagankishan Lal.
Date: Sunday, 15th May 2022
We received a letter from Mrs. Basanti Devi, an elderly resident of Gram Panchayat - Paw, Post Office - Newli, District - Tehri Garhwal. In her letter, she shared the burden she carries since her husband's passing, specifically in caring for their 100% disabled younger son. With one elder son employed as a laborer, their disabled younger son, Kishan Lal, aged 36, lacks any means of earning a livelihood. Due to his complete disability, Kishan Lal doesn't possess an Aadhaar card, disqualifying him from receiving disability pension support. This situation has placed significant financial strain on Basanti Devi, an elderly woman grappling with these challenges at her age. Besides seeking help from her mother, they lack any other means of support.
The Samoon Foundation has pledged to extend all possible assistance to this distressed mother in need
Safety equipment was installed in the school.
Date: Monday, 18th April 2022
Construction of a library and installation of safety equipment, including fire extinguishers, have been done in the school.
Osla Gaon, situated in the remote areas of Uttarkashi district, remains disconnected from mainstream development, lacking basic amenities such as electricity, roads, network connectivity, healthcare, and educational facilities. Responding to the pleas of the villagers, the Samoon Foundation has established the Samoon Adarsh Vidyalaya in the village, offering free education to 200 children for a brighter future. In these remote villages, inaccessible without a 16-kilometer walk, we endeavour to provide facilities akin to those found in private city schools. We have constructed a library and equipped the school with safety measures, including fire extinguishers, to address potential emergencies like fire outbreaks. Our future goal is to erect a dedicated school building and deliver quality education to children through smart classrooms.
दिनांक सोमवार 18 अप्रैल 2022
सला गाँव उत्तरकाशी जिले केअंतिम सीमावर्ती गांव होने के कारण विकास की मुख्य धारा सेअभी भी नहीं जुड़ पाया था ।इस गांव में आज भी बिजली, सडक, नेटवर्क, स्वास्थ्य एवँ शिक्षाआदि जैसे मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हो पाई है, ऐसे में गांव वालों के निवेदन पर Samoon फाउंडेशन द्वारा गांव में बच्चों के उज्जवल भविष्य हेतु वहाँ पर समूणआदर्श विद्यालय खोला गया और विगत 1 वर्ष से 200 बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे थे ।
ऐसे सीमावर्ती गांव में जहां पर पहुंचने के लिए आपको 16 किलो मीटर पैदल मार्ग से होकर जाना पड़ेगा वहां पर शहरों के प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाएं प्रदान करने हेतु हम प्रयासरत है।हमने स्कूल में एक लाइब्रेरी का निर्माण कियाहै साथ ही सेफ्टी इक्विपमेंट जैंसे फायरएक्सटिंगशेर भी स्कूल में इंस्टॉल किए थे ताकिआपातकालकी स्तिथी में आगजनी जैसी घटनाओं पर त्वरित काबू पा सकें।भविष्य में हम वहां पर स्वयंकी स्कूल बिल्डिंग बनाकर स्मार्टक्लासेस के माध्यम से बच्चों को क्वालिटी एडुकेशन प्रोवाइड करने के लिए प्रयासरत हैं।
Financial assistance for the differently-abled Kishan Lal.
Date: Sunday, 15th May 2022
A hospital bed, stretcher, blankets, clothing, and ration supplies have been sent to the village of Paw, Post Office - Newli, District - Tehri Garhwal, for Mr. Dibyagankishan Lal.
April 21, 2022
We received a letter from Mrs. Basanti Devi, an elderly resident of Gram Panchayat - Paw, Post Office - Newli, District - Tehri Garhwal. In her letter, she shared the burden she carries since her husband's passing, specifically in caring for their 100% disabled younger son. With one elder son employed as a laborer, their disabled younger son, Kishan Lal, aged 36, lacks any means of earning a livelihood. Due to his complete disability, Kishan Lal doesn't possess an Aadhaar card, disqualifying him from receiving disability pension support. This situation has placed significant financial strain on Basanti Devi, an elderly woman grappling with these challenges at her age. Besides seeking help from her mother, they lack any other means of support.
The Samoon Foundation has pledged to extend all possible assistance to this distressed mother in need.
21 अप्रैल 2022
ग्राम पंचायत- पाव, पोस्ट ऑफिस -न्यूली, जिला - टिहरी गढ़वाल ,के मूल निवासी बुजुर्ग माता जी श्रीमती बसंती देवी जी का निवेदन जैसे पत्र प्राप्त हुआ था जिसमे उन्होने बताया था कि पति का देहांत के बाद पूर्ण रुप से विकलाँग बेटे के पालन पोषण की जिम्मेदारी उनके उपर आ गयी थी ।उनके दो पुत्र है बड़ा बेटा ध्याड़ी मजदूरी करते है और छोटे वाले बेटे १०० % विकलांग है अभीउनकी आयु ३६ वर्ष थी और घर परिवार में उनके विकलांग बेटे की आजीविका हेतु कोई साधन नहीं था ।किशनलालजी का १०० % विकलांग होने के कारण उनका अभी तक आधार कार्ड भी नहीं बना था इस कारण उनको विकलांग पेंशन भी नहीं मिल पाती थी ।बसंती देवी जी बुजुर्ग महिला हैं और इस उम्र में उनको इन सब परेशानियोंसे जूझना पड़ रहा था और इनकी आर्थिक स्तिथि काफी खराब थी कि अब उनकी माँ के पास मदद मांगने के अलावा कोई चारा नहीं था । समूण परिवार इस माता जी की मदद के लिए हर सम्भव मदद की ठानी थी
v https://fb.watch/gPiosYJWIO/
Saturday, 13 March 2021
Important Information
Tuesday, 9 March 2021
आइये जानते है समूण के बारे मे
“समूण” एक गढ़वाली - उत्तराखंडी शब्द है जिसका अर्थ होता है किसी को कोई
भावनात्मक तोहफा देना जो सदा यादगार रहे, अतार्थ किसी के द्वारा किसी को दी
गयी येँसी भेँट जो कि दोनो के लिये हमेशा यादगार बनी रहे समूण कहलाती है।
ENGLISH मे SAMOON (Social And Mankind Organization Of Nation) अतार्थ
“देश का सामाजिक और मानवता सँगठन” रखा गया है| समूण के माध्यम से हम आपकी
समूण शिक्षा, मानवता, गरिबी, बिमारी, भाषा, संस्कृति व रोटी कपडा और मकान आदि क्षेत्रो मे समर्पित कर रहे है ।
जीवन की मुलभूत आवश्यकताओ की पुर्ति हेतु आप सभी विभिन्न क्षेत्रोँ मे
विश्व के विभिन्न देशोँ मे भिन्न – भिन्न कार्यो मे ब्यस्त है । जीवन की इस
भागदौड भरी जिँदगी मे अगर हम थोडा बहुत समय सामाजिक कार्यो व पुन्य के
कामो मे लगाते है तो उससे हमे जो अप्रत्यक्ष रुप से लाभ होता है उसकी तुलना
प्रत्यक्ष रुप से मिये हुये लाभ से नही की जा सकती |
हमे मालुम
है कि हर इंसान अपने स्तर पर किसी ना किसी प्रकार के मानवीय, सामाजिक व
धार्मिक कार्यो मे लगे हुये हैँ, होंगे । हम सब चाहते हैँ कि हम जीवन मे
दुसरे ज़रुरतमँद लोगोँ की मदद करे लेकिन यह कार्य अकेला करना थोडा मुस्किल
होता है । जो काम हम अकेला नही कर सकते वह काम हम सब मिलकर एक सँगठन के
माध्यम से कर सकते है और इसी उद्देश्य के साथ हमने "समूण फाऊँडेशन" नामक
सँस्था का निर्माण 2010 मे किया और 2014 मेे रजिस्ट्रेशन, संस्था के माध्यम
से समय समय पर हमने जरुरतमँदो की मदद करने की कोशिस भी की और कर रहेँ है ।
अमीरी-गरीबी, जाति-धर्म, भेद-भाव, रंग-रूप से पहले हम सब मनुष्य है और
“मानवता” हमारा धर्म है, मनुष्य का पहला गुण “दयालुता” है, जिस मनुष्य के
हर्दय में “दया” नहीं वह मानव कहलाने योग्य नही | बहुत से येसे लोग जैसे –
(अनाथ, लाचार, बेसहारे, विकलांग, विधवा, बेबस, द्रष्टीहीन, बीमार, कमजोर
मानसिक स्तिथी) आदि जिनको एक बक्त की रोटी नसीब नहीं होती, भूखे-प्यासे
रहते हुए बहुत ही दुखद: जीवन ब्यतित कर रहे है| मानवता के नाते हमारा नैतिक
कर्तब्य बनता है कि हम सब मिलकर येसे लोगो की सहायता करें, उनके दुःख दर्द
को बांटते हुये उन्हे हर सम्भव खुशी प्रदान करने की कोशिस करेँ, साथ ही
मानसिक रुप से प्रबल एँव आर्थिक रुप से कमजोर परिवार के बच्चोँ की शिक्षा
के लिये आर्थिक सहायता प्रदान करना एवं येसे बच्चोँ का मार्गदर्शन करना भी
ग्रुप का मुख्य उद्देश्य है |
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-चेतना को
जागृत करते हुए वृक्षारोपण करना व लोगो को वृक्षारोपण हेतु प्रोत्साहित
करना जिससे की प्रकृति के दोहन को रोका जा सके हेतु भी “समूण” कार्यरत है |
बिलुप्त होती भारतीय क्षेत्रीय भाषायेँ एँव संस्कृति को बचाये रखने व इनके सर्जन व सवर्धन के लिये भी समूण ग्रुप कार्यरत है |
समूण की सदस्यता शुल्क 1 रूपये प्रति दिन के हिसाब से ₹365/- प्रति वर्ष
रखी गई है । विद्यार्थियों, बेरोजगारों, वृद्ध व्यक्तियों एँव जो लोग देने
मे सक्षम नही है के लिए फ्री सदस्यता का प्रावधान है । सदस्यता शुक्ल और
डोनेशन के माध्यम से हमें जो भी धनराशि हमें प्राप्त होती है को परोपकारिता
के कार्यो में लगाते है और प्राप्त धनराशि का प्रति वर्ष चार्टेड
अककॉउंटेंट के माध्यम से ऑडिट होता है और उसकी एक प्रति भारत सरकार को
सबमिट किया जाता है । समूण का यदि कोई भी सदस्य किसी भी प्रकार के गलत
कार्योँ मे लिप्त पाया जाता है तो उसकी सदस्यता तत्काल निलब्तित की जाती है
।
हमारा सदैव ही यह कोशिस रहती है कि हम अपने सभी सदस्यो के साथ
पारदर्शिता बनाय रखे ताकि समूण के प्रति आपका विश्वाश बना रहे और आप समूण
से जुड़कर प्राउड फील करें इसलिए हर एक सदस्य के पास यह अधिकार है कि वह
अपने द्वारा दिये गये सदस्यता शुल्क या दान राशि के उपयोग में बारे में
जानकारी हाशिल कर सकते है ।
मनुष्य को सामाजिक प्राणी माना गया
है। उससे समाज बनता भी है और मनुष्य समाज का ऋणी भी है। समाज से ही सीखकर
वह अपनी कीमत बनाता है। मनुष्य ऋणी है तो वह अपने इस ऋण को चुकाने के लिए
अपनी वृत्ति में दान भाव को जागृत करे। जैसे-जैसे वह किसी से ले रहा है,
वैसे-वैसे वह उसी को लौटाने का भी प्रयत्न करे।
विनोद जेेठुडी
समूूूण परिवार
उत्तरकाशी के सबसे अंतिम सीमावर्ती गांव ओसला में समूण फाउंडेशन के सौजन्य से खुलने वाले स्कूल के संबंध मे
Date: 02 मार्च 2021
उत्तरकाशी के सबसे अंतिम सीमावर्ती गांव ओसला में #समूण_फाउंडेशन के सौजन्य से खुलने वाले स्कूल (#समूण_आदर्श_विद्यालय_ओसला) के संबंध में ग्रामीणो के साथ तीसरे दौर की मीटिंग संपन्न हुई ।
#शिक्षित_भारत_विकसित_भारत
समूण परिवार
मानवता की सेवा हेतु समर्पित
https://www.facebook.com/samoonforhumanity/posts/2420797278055304





























