Tuesday, 29 September 2020

समूण फाउंडेशन के सदस्य सुदर्शन सिँह पवाँर द्वारा सुमित्रा देवी के ऋण का भुगतान

Date: 23 July 2020

गरीब, निर्धन और असहाय सुमित्रा देवी जी ने बिटिया की शादी के लिए बैँक से ऋण लिया था और उसे चुकाने में असमर्थ समूण फाउंडेशन से निवेदन किया है कि वह बैंक का ऋण चुकाने में सहयोग करें क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय है उनके दिव्यांग पति घर में ही रहते हैं और बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी सुमित्रा देवी जी के ऊपर आ गई है जो कि ध्याडी मजदुरी कर जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है ।

समूण फाउंडेशन के सदस्य सुदर्शन सिँह पवाँर जी जब उक्त परिवार की दयनीय स्तिथी से अवगत हुए तो त्वरित कार्यवाही करते हुए बैँक का समस्त ऋण रुपये 17000/- का समस्त भुगतान करने का निर्णय लिया ।

जितना ऋण लिया था उससे भी ज्यादा चक्रवृद्धि ब्याज की दर से ऋण बढता चला जा रहा था जिससे परिवार मानसिक दबाव मे था कि कहीँ जिस घर मे रह रहेँ है उस घर की कुडकी न हो जाय लेकिन अब यह खबर सुनकर सुमित्रा देवी जी एँव परिवार प्रसन्न है ।
जल्द ही परिवार के बैंक से लिया हुआ ऋण का सम्पूर्ण भुगतान करके क्लीयरेंस कॉपी आप सभी के साथ साझा की जाएगी ।

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सुमित्रा देवी की आर्थिक मदद हेतु जनता से गुहार

Date: 18 July 2020

खैरी का आँसुन, आंखी भोरीं चा, मन की स्यांणि गाणी मारीं चा ।
दुःख बीमारी मां भी काम नि टाळी, घर बण रुसड़ु, याखुली समाळी ।।
प्रीत की कुंगली डोर,सी छिन ये, पर्वत जन कठोर भी छिन ये ।
हमारा पहाड़ों की नारी, बेटी ब्वारी, बेटी ब्वारी पहाडों की बेटी ब्वारी ।।

नेगी जी का यह खूबसूरत गीत सुमित्रा देवी जी के ऊपर सटीक बैठता है क्योंकि सुमित्रा देवी जी जैसी मेहनती, स्वावलंबी और कठिन दौर का मुकाबला ध्याडी मजदूरी कर अपने विकलांग पति के साथ साथ बच्चों का का पालन पोषण कर रही है ।

गाँव-बाड़ा, पट्टी इद्वालस्यूं पिसोली, जिला - पौड़ी गढ़वाल निवासी 45 वर्षीय सुमित्रा देवी जी की, जो कि एक बहुत निर्धन परिवार से है और बहुत ही संघर्षपूर्ण व दयनीय जीवन यापन करने पर विवश हैं। सुमित्रा जी के विकलांग पति श्री विनोद लाल (उम्र 50 साल) जिनका एक पैर नहीं है और दूसरे में भी दिक्कत है साथ ही हाथ की उंगली में भी गम्भीर चोट लगने की वजह से पूरे हाथ में इन्फ़ैकशन हो गया जिसका इलाज करने में भी परिवार असमर्थ हैं।

4 बेटियों और 10वीं में पढ़ने वाले एक बेटे की लालन पोषण के साथ पढ़ाई के खर्च की जिम्मेदारियों का बोझ शायद कुछ कम था कि अब पूर्ण विकलांग पति की देखरेख और परिवार की पूरी जिम्मेदारी अब पूरी तरह से सुमित्रा देवी जी पर ही आ गई है ।
हरदम कठिन मेहनत और संघर्ष के लिए तैयार रहने वाली स्वावलंबी सुमित्रा देवी ने जीवन में कभी हार नहीं मानी और जब भी गांव में ध्याड़ी, मजदूरी, पल्लेदारी या मनरेगा के तहत काम मिलता है तो उसे कर लेती है और उसी के माध्यम से अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है ।

सुमित्रा देवी जी ने कर्ज एवं बैंक से लोन लेकर तीन लड़कियों की शादी कर दी है लेकिन चौथी लड़की की शादी कोरोना की वजह से नहीं हो पाई है । बैंक से लिया गया लोन भरने में असमर्थ सुमित्रा देवी जी ने आप सभी से सहयोग की अपील की है ताकि वह अपनी बेटी की शादी, बैंक का लॉन, पति के इलाज, घर के जीर्णोद्धार के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में थोड़ा सा सहयोग मिल सके ।

SCST समाज से होने कि वजह से इनका घर, मुख्य गाँव से दूरी पर है जिसकी वजह से आम लोगों से अपना दुख दर्द बयां भी नही कर पाते। अधिक जानकारी के लिए आप सुमित्रा देवी जी से उनके सम्पर्क नो. 8755138615 पर बात कर सकते है ।

आप निम्नलिखित समूण अकाउंट में अपनी सहयोग राशि भेज कर उक्त परिवार की सहायता कर सकते हैं आपके द्वारा भेजी गई सहायता राशि सुमित्रा देवी जी एवं परिवार तक पहुंचाई जाएगी ।

PAYTM & GOOGLE PAY - 6395436883
AXIS BANK
A/C NUMBER : 914010040541847
A/C NAME : SAMOON FOUNDATION
BRANCH : CITY CENTRE RISHIKESH
IFSC CODE : UTIB0000156

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समूण परिवार पर्यावरण संरक्षण हेतु समर्पित

Date: 16 July 2020

आज की दुनिया #समस्याओं से घिरी हुई है और इन समस्याओं में सबसे बड़ी समस्या है #प्राणी, #संसार और #वनस्पति_जगत के बीच बिगड़ता हुआ संतुलन। #आबादी की बेतहाशा #बढ़ोतरी ने इस संतुलन को बिगाड़ा है और हमारे लिए आर्थिक और स्वास्थ्य सम्बन्धी अनेक समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं।

#जंगलों के #कटते रहने से #मानव-सभ्यता को खतरा पैदा हो गया है। मौसम में काफी परिवर्तन आ गया है। धरती के कुछ भागों में या तो लगातार कई वर्ष तक सूखा पड़ जाता है या फिर भयंकर बाढ़ आ जाती है।

वन और पानी अक्षय-स्त्रोत होते हैं, जब ये नहीं रहते हैं तो सदा बहने वाली #नदियां सूख जाती हैं, #बांधों में पानी का स्तर घट जाता है, #बिजली का उत्पादन रुक जाता है तथा #नहरों में पानी कम हो जाता है। इससे #अनाज कम उत्पन्न होता है और #उद्योगों के लिए संकट पैदा हो जाता है।

इस भयानक स्थिति का सामना करने के लिए #आबादी को कम करने के साथ-साथ #वृक्षारोपण के अभियान को भी #युद्ध_स्तर पर चलाने की #आवश्यकता है। वृक्षारोपण कर हम लगातार कम हो रहे वृक्षो एवं वनों को #संरक्षित कर सकते है। #वृक्षो को #मनुष्य का #सच्चा_मित्र कहा जाता हैं क्योंकि वृक्ष हमसे कुछ न लेते हुए भी हमें बहुत कुछ देते हैं जो एक सच्चा मित्र ही कर सकता है|

इसी उद्देश्य के साथ #समूण_फाउंडेशन पर्यावरण सरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियोँ के निर्वाहन स्वरुप हर वर्ष “#पेडोँ_से_है_रिश्ता_हमारा” कार्यक्रम के तहत सैकडोँ पौधोँ का पौधा रोपण करती है और पेड बनने तक देखभाल हेतु हर सम्भव प्रयासरत रहती है । #उत्तराखंड का #लोकपर्व #हरेला के #सुभ_अवसर पर आज दिनाँक 16/07/2020 को #थानाड़ण्ड, #किमसार, #पौड़ी गढ़वाल में #समूण_परिवार के सदस्यों द्वारा पौधरोपण किया एवँ पेड़ बनने तक देखभाल हेतु UPT द्वारा जिम्मेदारी ली गई ।

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हरेला के पावन पर्व पर समूण फाउंडेशन द्वारा पौधारोपण

Date: 13 July 2020

सिर्फ पौधा लगाना हमारा उद्देश्य नहीं बल्कि पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करना ही हमारा मकसद है ।
ओंकारनन्द राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में समूण फाउंडेशन द्वारा 2 वर्ष पूर्व लगाए गए पौधे आज पेड़ का रूप धारण कर रहे हैं और यह फ़ोटो आपके साथ साझा करते हुए हमें अपार खुशी महसूस हो रही है ।
हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में एक पौधा अवश्य लागना चाहिए और पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करना चाहिए ।
हर साल की भांति इस वर्ष भी हरेला के पावन पर्व पर 16 जुलाई को समूण फाउंडेशन किमसार, पौड़ी गढ़वाल में पौधारोपण करने जा रही है, आपका स्वागत है यदि आप इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित होना चाहते हैं |
समूण परिवार
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Wednesday, 26 August 2020

आशा आर्या की माता जी के स्वस्थ्य का हाल समाचार जानने समूण फाउंडेशन की दिल्ली टीम गुरुग्राम पहुंची

 12 July 2020

आशा आर्या की माता जी के स्वस्थ्य का हाल समाचार जानने समूण फाउंडेशन की दिल्ली टीम गुरुग्राम पहुंची और तत्काल सहायता राशि ₹10,000/- का चेक प्रदान किया और आगे भी प्रयासरत है ।

आपको बता दें कि ग्राम - एरोड, रानीखेत निवासी गोविंदी देवी जी बहुत समय से कैंसर से पीढ़ित है उनके पति स्व० बालकिशन जी का निधन 2 वर्ष पूर्व ही हो चुका है, इनके 3 बच्चे है जिसमे 2 लड़कियां और 1 लड़का है। सबसे बड़ी लड़की आशा आर्या है इसलिए परिवार के लालन पालन की जिम्मेदारी आशा के ऊपर आ गयी है जिसे आशा छोटी मोटी नौकरी करके बखूभी निभा भी रही थी लेकिन मां जी के केंसर का इलाज करना बहुत ही नामुमकिन हो गया फिर भी हिम्मत दिखा कर आशा ने जैसे तैसे कर्जा निकाल कर अपनी माँ जी गोविंद देवी जी (50 वर्ष ) का इलाज नारायण हॉस्पिटल गुड़गांव में करवाया और अभी भी चल रहा है पर अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है ।
इस परिवार के सहायतार्थ जिन लोगों ने दान दिया उनका आभार एवँ बाकी लोगों से भी यथासंभव दान की अपील करते हैं ।

समूण परिवार
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प्लीज #शेयर करके सहयोग करें ।


 

5 साल की नन्ही सी गुडिया अदिती नेगी का देहांत

11 July 2020

हमें आपको यह बताते हुए बहुत ही दुःख हो रहा है कि 5 साल की नन्ही सी गुडिया अदिती नेगी को बचाने में हम सफल नहीं रहे और अदिति अब हमारे बिच में नहीं है, आज ही सुबह समूण फाउंडेशन की टीम अदिति को हॉस्पिटल में मिलके आये थे और इलाज के लिए ₹10,000/- का चेकभी दिया था ।
प्रभु इस नन्ही सी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे और परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति । उन सभी दान दाताओ का आभार जिन्होने अदिति को बचाने हेतु दान दिया था और हर संभव कोशिश की थी।
शांति ॐ
ॐ नम: शिवाय

Date :- 04.07.2020

5 साल की अदिती नेगी के इलाज के लिए सहयोग की अपील
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मात्र 5 साल की अदिती नेगी पुत्री कुलदीप सिंह नेगी, ग्राम कंडीया तल्ला, पो.औ. - रिखणीखाल कंदिया , जिला - पौड़ी गढ़वाल कुछ दिनो पहले खेलते खेलते अचानक गिर गयी थी तो परिवार वालों ने गाँव मे ही प्राथमिक उपचार के बाद अपने दैनिक कार्यों मे ब्यस्त हो गये, लेकिन बेटी अदिती के सर की चोट धीरे धीरे बढ़ती गई और अन्त मे अदिती को देहरादून जैली ग्रांट में दिमाग की सर्जरी करवानी पडी और फिर वहां से रेफर इन्द्रेश हॉस्पिटल मे ऐडमिट के बाद अभी आई सी यू में भर्ती है |

आज मासुम अदिती नेगी जीवन रक्षक यंत्र मे जिन्दगी और मौत की जंग लड़ रही है अभी तक मासूम अदिती की दिमाग की इक बार सर्जरी हो चुकी है तथा एक और सर्जरी होना बाकी है |

अदिती के पिता श्री कुलदीप सिंह जी सिडकुल हरिद्वार मे एक कंपनी मे हेल्पर की नौकरी करते थे लेकिन लौकडाउन के चलते वह नौकरी भी चली गई और पिछले 4 महिनों से बेरोजगार हैं। परिवार के पास जितना था लगा चुके है लेकिन अब आप सभी करुणामय हर्दय के सज्जनों से कुलदीप जी ने अदिती के इलाज हेतु सहयोग की अपील की है |

आप सभी सामर्थ्यवानो से निवेदन है कि यथा संभव सहयोग के हाथ बढाते हुए मासूम अदिती को नया जीवनदान देने हेतु सहयोग के हाथ बढायें | सहयोग नहीं भी कर पायें तो #शेयर अवश्य करें |

आप ज्यादा जानकारी के लिए अदिती के पिताजी श्री कुलदीप नेगी जी से उनके दिए गए नो. 8057231954 पर फ़ोन कर सकते है और अपनी सहयोग राशी निचे लिखे समूण एकाउंट में भेज सकते है |

PAYTM & GOOGLE PAY - 6395436883
AXIS BANK
A/C NUMBER : 914010040541847
A/C NAME : SAMOON FOUNDATION
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राजेन्द्र जी सफल सर्जरी के बाद जिदगी की जंग जीतकर घर वापस लौट गए है

 07 July 2020

आग में बुरी तरह जले राजेन्द्र जी को 2 हॉस्पिटल से निराशा के बाद फाइनली महंत इंद्रेश हॉस्पिटल देहरादून में सफल सर्जरी के बाद जिदगी की जंग जीतकर घर वापस लौट गए है ।
#समूण_फाउंडेशन ने राजेंद्र जी के इलाज के लिए हर संभव प्रयास किया और निरंतर उनके परिवार के साथ बने हुए थे तथा पल-पल की खबरें ले रहे थे ।

#समूण_फाउंडेशन द्वारा राजेन्द्र जी के इलाज के लिए ₹11000 की सहायता राशि प्रदान की गई ।

#समूण_परिवार राजेंद्र जी के सुखद जीवन की कामना करते हैं ।

समूण परिवार
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https://www.facebook.com/samoonforhumanity/videos/2624517054543493/

 

 

आशा जी की माताजी के इलाज के लिए मदद की गुहार

5 July 2020

विश्वास और उम्मीद दो ऐसे शब्द है जिनके सहारे इंसान बड़ी से बड़ी मुश्किलों का सामना कर जाता है। समूण फाउंडेशन उसी विश्वास और उम्मीद को पूरा करने के लिये हमेशा से ही तत्पर रहा है । ये सिर्फ एक फाउंडेशन ही नही एक परिवार है जो उत्तराखंड के लगभग सभी लोगो के लिए एक उम्मीद की किरण है और इसी उम्मीद के चलते ग्राम एरोडे, पोस्ट ऑफिस पंतकोटली, तहसील रानीखेत, जिला अल्मोड़ा की रहने वाली बालिका आशा आर्य ने जो कि वर्तमान मे गुरुग्राम में छोटी मोटी नौकरी कर रही है ने मदद के लिए समूण परिवार के समक्ष गुहार लगाई है। आशा आर्य कहती है कि पिछले दो वर्षों मे आशा आर्य जी के ऊपर दुखो का ऐसा अम्बर फूटा की उन्हें अपने माँ के इलाज के लिये समूण परिवार से मदद मांगनी पड़ी। इन 2 वर्षो मे आशा जी के पिताजी का देहांत हो गया व उनकी माताजी श्रीमती गोविंदी देवी जी को लीवर कैंसर की बीमारी से ग्रसित है। आशा जी गुरुग्राम मे ही छोटी सी नौकरी करके अपनी माताजी का इलाज तथा अपने 2 छोटे भाई बहनो की परवरिश का जिम्मा उठा रही है। उनकी माताजी का इलाज़ दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल से आयुष्मान भारत योजना के तहत चल रहा था, लेकिन वर्तमान मे लॉक डाउन की इस स्तिथि मे सफदरजंग से इलाज नही हो पा रहा है और उन्हें मजबूरी में गुरुग्राम के ही नारायणा हॉस्पिटल से इलाज करवाना पड़ रहा है। इसलिए आशा आर्य जी ने समूण परिवार से मदद की गुहार लगाई है।

आप सभी दान दाताओ से से उम्मीद है कि आप आशा आर्य जी की माता जी के इलाज के लिए यथा संभव सहयोग के हाथ बढ़ाओगे आप आशा आर्य जी से उनके मोबाइल नंबर है पर सम्पर्क कर सकते है :- 8650922680

हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है कि आप मानवता की सेवा मे समूण परिवार के माध्यम से परोपकारीता के भागीदार जरूर बनेगें आप छोटा सा अमाउंट भी गूगल पे य पेटीएम के माध्यम से दे सकते है।

AXIS BANK
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PAYTM &GOOGLE PAY 6395436883

लक्ष्मी बहुगुणा उनियाल
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मैं गाय बोल रही हूँ ......

1 July 2020

मैं गाय बोल रही हूँ ......
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वही गाय, जब आप बच्चे थे, कक्षा दो – तीन में पढ़ते थे, तब अध्यापक आपको मुझ पर दस पंक्तियों का एक निबंध लिखने के लिए कहते थे तो आप क्या लिखते थे? गाय के दो सींग होते हैं, चार पैर होते हैं। गाय एक बहुत ही उपयोगी पशु है। गाय के गोबर से खाद बनती है और उपले बना कर जला कर भोजन भी बनाया जाता है। गो मूत्र और गोबर का उपयोग पूजा में भी होता है। मरने के बाद भी गाय उपयोगी रहती है। उसकी खाल भी काम आती है, उससे जूते तथा अनेक प्रकार के सामान बनते हैं। गाय को माँ समान दर्जा दिया जाता है क्योंकि उसका दूध माँ के दूध वाले ही गुण रखता है। यही सब मेरे बारे में लिखा और पढ़ा जाता था। एक समय था जब मुझे पूजा जाता था और मेरी पुंछ पकड़ कर वैतरणी पार कर के स्वर्ग लोक के द्वार खुल जाते थे। घर में पकने वाली पहली रोटी मुझे ही दी जाती थी। मेरा सामाजिक और आर्थिक दर्जा होता था। मैं हर घर में एक अमूल्य प्राणी की तरह रहती थी। मेरा सम्मान किसी इंसान के सम्मान से भी अधिक होता था। मेरी सेवा करने को लोग अपना परम कर्तव्य होता मानते थे। वह भी समय था जब लोग मेरी सेवा के अवसर पा कर स्वयं को सौभाग्यशाली समझते थे क्योंकि वह मुझे माँ समान दर्जा देते थे। आज जब जन्म देने वाली माँ को भी इंसान घर से निकाल देता है तो उसकी नज़र में मेरी क्या औकात है।

आज लोग जब तक मैं दूध देती हूं तब तक मुझे पालते हैं और जैसे ही दूध देना बंद कर देती हूं तो मुझे घर से निकाल देते हैं और सड़कों पर लावारिस छोड़ आते हैं । यदि मैं वापस घर आने की कोशिश करता हूँ और घर के समीप आता हूँ तो लोग मुझे लाठी-डंडों से मार मार के भगा देते हैं। बहुत दिनों भूखी और प्यासी रहती हूं, गला सुख जाता है आँखों से आँशु बहते है लेकिन हे मनुष्य काश कि तेरे को मेरे यह आँशु और दर्द दिख पाता । हे मनुष्य कभी-कभी तो तू इतना गिर जाता है कि मुझे जंगल में रस्सियों के सहारे बांध देता है और मुझे मरने के लिए छोड़ देता है और धीरे धीरे भूखे प्यासे रहते हुए महीनों बाद मेरे प्राण निकलते है । क्या आपने कभी सोचा कि मेरी जगह आप और आपके जगह मैं होती तो कैसा होता ?

मनुष्य को दयालु प्राणी कहा जाता है ! आखिर कहां गई तेरी वह दया भावना जब मेरे ऊपर डंडों और पत्थरों से वार होता है तो ऐसा प्रतीत होता है कि मैं कोई प्राणी नहीं बल्कि निर्जीव वस्तु हूं जिसे बिल्कुल भी दर्द नहीं होता । हे मनुष्य यदि तू यूंही ही प्राणियों पर दया नहीं करोगे तो प्राणियों के श्राप का बहुत ही दुखद परिणाम होंगे जो एक उदाहरण के तौर पर आप आजकल कोरोना के रूप में भी देख रहे हो ।

हे मनुष्य अभी भी संभल जाओ और प्राणियों पर दया करो ।

आपकी ......
दर दर भटकती
डंडों और पत्थरों से मार खाती
आपकी भूखी प्यासी गाय माता ।




 

श्री राजेन्द्र सिंह चौहान के इलाज के लिए समूण फाउंडेशन ने आर्थिक मदद की

28 June 2020

ग्राम सभा किरोड़, पट्टी भरपूर तहसील देवप्रयाग के निवासी श्री राजेन्द्र सिंह चौहान पुत्र स्वर्गीय श्री करण सिंह चौहान जी जो कि कुछ दिन पहले मिर्गी के दौरे पड़ने के दौरान आग में झुलस गए थे ऋषिकेश सरकारी हॉस्पिटल में प्रारंभिक उपचार के बाद 16 दिन कोरोनेशन अस्पताल दून में इलाज चला जिसके बाद उनको श्री महंत इंद्रेश अस्पताल में रेफर किया गया था और वहाँ पर इलाज चल रहा है ।

यहाँ पर प्राथमिक उपचार के बाद उनको प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया था । कोरेनेशन हॉस्पिटल ने उनके बचने की संभावनाएं बहुत कम बताने के बाबजूद इंद्रेश हॉस्पिटल में उनके स्वस्थ में बहुत अच्छा असर हो रहा है । कल दिनांक 29.06.2020 को एक सर्जरी होगी जिसके लिए O+ ब्लड की आवश्यकता पड़ने पर कुछ मानवता प्रेमी दानदाताओ के माध्यम से ब्लड की ब्यवस्था हो चुकी है, जबकि इस कोरोना काल मे रक्त दान करने के लोग काफी डरे हुए है ।

हालांकि इलाज स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से हो रहा है फिर भी बाकी के खर्चो के लिए ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से राजेन्द्र जी के इलाज के लिए समूण फाउंडेशन के द्वारा उनके भाई जयपाल सिंह चौहान जी के एकाउंट में ₹11,000/- ट्रांसफर कर दिए गए है ।

समूण परिवार राजेन्द्र चौहान जी के जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की कामना करते है । 🙏🏻

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